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शनिवार, 28 जुलाई 2018

पालक सम्मेलन

*सशिमं मे हुआ टीकाकरण की सफलता हेतु पालक सम्मेलन*
*डौंडीलोहारा:-* भारतवर्ष 2020 तक मीजल्स उन्मूलन रूबेला नियंत्रण के लिए प्रतिबद्ध है जिस दिशा मे छत्तीसगढ़ राज्य में भी मीजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान 6 अगस्त से चलाया जाना है।
इसी तारतम्य मे स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर डौंडीलोहारा मे मीजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान 2018 की सफलता एवं पालकों तथा अभिभावकों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से पालक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सभी अभिभावकगण एवं स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में श्री अश्विनी कुमार भाण्डेकर (RHO डौंडीलोहारा) श्री श्रवण कुमार सलामे(RHO डौंडीलोहारा) श्रीमती कुन्ती साहू व श्रीमती जे.एल.भूआर्य(ANM डौंडीलोहारा) उपस्थित रहे। जिसमें सर्व प्रथम भाण्डेकर सर के द्वारा बतलाया गया कि यह एक संक्रामक बीमारी है, जिसका संक्रमण खतरनाक वायरस के द्वारा होता है तथा संक्रमण के पश्चात इसका कोई इलाज संभव नहीं है। यह खतरनाक बीमारी अधिकतर 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को यह संक्रमण होता है। तथा इसके लक्षण हैं - सर्दी-खांसी के साथ तेज बुखार, नाक का बहना, आंखे लाल हो जाना, पूरे शरीर पर लाल - लाल चकते या दाने उभर आना, आंखों में सूजन इस प्रकार के लक्षण दिखलाई पडते हैं। इस बीमारी को जर्मन खसरा भी कहा जाता है। जिसका एक मात्र इलाज टीका ही हो सकता है। इसी बीच अभिभावकों के द्वारा भी अधिकारीयों से प्रश्न पूछे गए जिसमें श्री नरेश तामुरिया व श्री प्रदीप कुमार सिन्हा द्वारा पूछा गया कि - किस आयु वर्ग के बच्चों को यह टीका लगाया जाना है?, और यह टीका कहा लगाया जाना है? तथा किन बच्चों को यह टीका नही लगाना है। इस संबंध मे श्रीमती कुन्ती साहू (ANM) ने बताया कि इस खतरनाक बीमारी हेतु MR का टीका 9 माह से 15 वर्ष के बच्चों को विद्यालय स्तर पर तथा आंगनबाड़ी केंद्र में तथा गांवों में शिविर के माध्यम से टीका लगाया जाना है, तथा साथ ही जिन बच्चों को टीका लग चुका है उन्हें भी उस टीकाकरण तिथि में टीका अवश्य लगाना है। तथा उन बच्चों को जिन्हें कोई गंभीर बीमारी है, व अस्वस्थता के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया हो ऐसे बच्चों को टीका नहीं लगाया जा सकता है। तथा साथ ही अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस टीके का कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
उक्त कार्यक्रम में संस्था के प्राचार्य श्री तोरण सिंह ठाकुर, आचार्य श्री उमेश कुमार देवांगन, सेवंत देवांगन, संजय देहारी, अशोक सिंहा, सुरेश कुमार ठाकुर, प्रताप सिंह पटेल, डोमेन्द्र कुमार देशमुख आचार्या श्रीमती प्रतिभा सुकतेल, नंदिनी चंद्राकर, भान बाई लटिये, मंजू श्रीवास, सुश्री संगीता सोनी व नवज्ञानोदय शिक्षण समिति के अध्यक्ष, सचिव ने समस्त सदस्यों ने अपनी उपस्थिति प्रदान किये।
उक्त कार्यक्रम के सफल संचालन व समस्त जानकारी प्रचार प्रसार प्रमुख आचार्य श्री शीतल साय कोसमा द्वारा प्रदान की गई।

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